अनु. क्र. | नाव | संख्या | १ | स्वसहायता केंद्र | ४४० | २ | उद्योग मंदिर | ०३ | ३ | कौटुंबिक सलाह केंद्र | १२ | ४ | सिलाई केंद्र | २१ | ५ | बुनाई केंद्र | ०३ | ६ | अल्पकालीन आवासगृह | ०१ | | कुल | ४८० |
सेवाप्रकल्पमहिला विषयक स्वसहायता समूह -१. तामिलनाडु (२६७) २. कर्नाटक (१५) ३. झारखंड (१५०) ४. जम्मू (६) ५. आकोट (२)
उद्योग मंदिर -१. श्री शक्तिपीठ, नागपुर २. राणी भवन, नाशिक ३. जिजामाता स्मारक समिति, पुणे ४. जिजामाता ट्रस्ट, ठाणे ५. रुद्रम्मा ट्रस्ट, भाग्यनगर ६. श्री शक्ति प्रतिष्ठान, कर्णावती ७. वं. ताई आपटे महिला विकास प्रतिष्ठा, तळेगाव, पुणे ८. खेड, शिवापुर आदि स्थानों पर पुणे जिले में। ९. कित्तुर चेन्नम्मा, सोलापुर १०. समर्था, जयपुर ११. इंदोर - वत्सला उद्योग मंदिर
रोटी सब्जी केंद्र (१)
सिलाईकेंद्र१. बंगलोर (१) २. प. आंध्र - श्रीकाकुलम् (१) ३. चेन्नई - (२) ४. देवी अहल्या स्मारक समिति , नागपूर- (१) ५. महिला कला निकेतन,नागपुर (१) ६. तळेगाव - (१) ७. सांगली (१) ८. छत्तीसगढ (२) ९. गुजरात (२) १०. जयपुर (१) ११. कटराई, हिमाचल प्रदेश -(२) १२. पंजाब - (२) १३. व्रज (२) १४. लक्ष्मीबाई केळकर सेवा ट्रस्ट, कलकत्ता १५. हाफलाँग १६. कॅरीबॅग से होनेवाला प्रदुषण समाप्त करने के लिये पुरानी साडीयोंकी विविध आकार की थैलिया सिलाने का काम नागपुर, अमरावती, यवतमाळ संभाजीनगर आदि स्थानों पर महिलाएँ करती है।
बुनाई केंद्र-असम में हाफलाँग (१) गोहाटी (१) चेकरचाम (१) में गमछे, रुमाल, शॉल, दुपट्टा हातमाग पर सिलाने का काम चलता है।
कुटुंब परामर्श केन्द्र -१. भाग्यनगर (१) २. नागरकोविल (१) ३. गुजरात (१)
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